वर्किंग कैपिटल कैलकुलेटर (Working Capital) 2026

बैलेंस शीट से अल्पकालिक तरलता स्वास्थ्य — करंट रेशियो, क्विक रेशियो और कैश कन्वर्जन साइकिल।

चालू संपत्तियां (Current Assets)

₹
₹

ग्राहकों से बकाया राशि — विविध देनदार (Sundry Debtors)।

₹

कच्चा माल, अर्ध-निर्मित और निर्मित माल लागत मूल्य पर।

₹

अग्रिम भुगतान, अल्पकालिक अग्रिम, जीएसटी इनपुट क्रेडिट।

चालू देनदारियां (Current Liabilities)

₹

आपूर्तिकर्ताओं को देय राशि — विविध लेनदार (Sundry Creditors)।

₹

वर्किंग कैपिटल लोन, सीसी/ओडी सीमा, चालू वर्ष के ऋण भुगतान।

₹

बकाया खर्च, देय जीएसटी/टीडीएस, ग्राहकों से अग्रिम।

वार्षिक आंकड़े (CCC चक्र के लिए)

₹

दिन बिक्री बकाया (DSO) मापने के लिए।

₹

इन्वेंटरी दिन (DIO) और देय दिन (DPO) मापने के लिए।

कार्यशील पूंजी (Working Capital)

उत्कृष्ट

₹40.00 लाख

चालू परिसंपत्तियां ₹70.00 लाख − देनदारियां ₹30.00 लाख।

करंट रेशियो (Current Ratio)

2.33

क्विक रेशियो (Quick Ratio)

1.33

कैश रेशियो (Cash Ratio)

0.33

कैश कन्वर्जन साइकिल (Cash Conversion Cycle)

60.8 दिन

दिन बिक्री बकाया (DSO)30.4 दिन
+ इन्वेंटरी दिन (DIO)60.8 दिन
− देय दिन (DPO)30.4 दिन

वर्किंग कैपिटल से जुड़े सवाल

नेट वर्किंग कैपिटल का सूत्र क्या है?
नेट वर्किंग कैपिटल = चालू संपत्ति − चालू देनदारियाँ। चालू अनुपात = चालू संपत्ति / चालू देनदारियाँ, जो उसी बात को गुणक के रूप में बताता है और ऋणदाता आमतौर पर यही देखते हैं।
भारतीय व्यवसाय के लिए स्वस्थ चालू अनुपात कितना है?
अधिकांश क्षेत्रों के लिए 1.5 से 2.0 के बीच। 1.0 से नीचे होने का अर्थ है कि चालू देनदारियाँ चालू संपत्ति से अधिक हैं और नकदी संकट की आशंका है। 2.0 से बहुत ऊपर होना अपने आप अच्छा नहीं — प्रायः इसका अर्थ है कि नकदी या माल कमाने के बजाय बेकार पड़ा है।
वर्किंग कैपिटल चक्र क्या है?
इन्वेंट्री दिन + प्राप्य दिन − देय दिन: आपूर्तिकर्ता को भुगतान करने और ग्राहक से वसूली के बीच का समय। इसे जितने दिन घटाएँगे उतनी नकदी स्थायी रूप से मुक्त होगी, इसीलिए प्राप्य दिन घटाना आमतौर पर वर्किंग कैपिटल लोन लेने से सस्ता पड़ता है।
बैंक कितनी वर्किंग कैपिटल सीमा स्वीकृत करेगा?
5 करोड़ रुपये तक की सीमा के लिए अधिकांश बैंक नायक समिति की टर्नओवर पद्धति अपनाते हैं: अनुमानित वार्षिक कारोबार का 25% वर्किंग कैपिटल आवश्यकता माना जाता है, बैंक 20% देता है और 5% आपको मार्जिन के रूप में लगाना होता है। 4 करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार पर यह 80 लाख रुपये की कैश क्रेडिट सीमा है, जिसमें 20 लाख रुपये आपके अपने। 5 करोड़ रुपये से ऊपर बैंक लेखा-परीक्षित बैलेंस शीट पर एमपीबीएफ पद्धति अपनाते हैं।
एमएसएमई भुगतान का 45-दिन नियम क्या है और वर्किंग कैपिटल पर इसका क्या असर है?
आयकर अधिनियम की धारा 43B(h) के अनुसार यदि पंजीकृत सूक्ष्म या लघु उद्यम आपूर्तिकर्ता को स्वीकृति से 45 दिन के भीतर (लिखित अनुबंध न होने पर 15 दिन) भुगतान नहीं हुआ, तो वह खर्च उसी वर्ष में कटौती के रूप में नहीं मिलेगा। कटौती वास्तविक भुगतान वाले वर्ष तक टल जाती है, इसलिए 50 लाख रुपये का बकाया उस वर्ष आपके कर में लगभग 15 लाख रुपये जोड़ सकता है। यह नियम खरीदारों को एमएसएमई बकाया समय पर चुकाने को बाध्य करता है, जिससे देय दिन घटते हैं और आपको अधिक वर्किंग कैपिटल रखनी पड़ती है।
प्राप्य दिन घटाने से कितनी नकदी मुक्त होती है?
दैनिक बिक्री x घटाए गए दिन। 12 करोड़ रुपये वार्षिक बिक्री वाले व्यवसाय की दैनिक बिक्री लगभग 3.29 लाख रुपये है, इसलिए प्राप्य दिन 75 से घटाकर 60 करने पर 15 x 3.29 लाख = लगभग 49 लाख रुपये नकदी मुक्त होती है — स्थायी रूप से और बिना किसी ब्याज लागत के। 10% कैश क्रेडिट दर पर वही 49 लाख रुपये लोन के रूप में लेने पर सालाना 4.9 लाख रुपये खर्च होते, इसीलिए वसूली में अनुशासन बड़ी सीमा से बेहतर है।
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