साधारण ब्याज (Simple Interest) कैलकुलेटर 2026

एकसमान दर पर ब्याज — कोई चक्रवृद्धि नहीं। छोटी अवधि के ऋण और साधारण जमा के लिए झटपट गणना।

त्वरित चयन:
100010000000
%
1%30%
1 वर्ष30 वर्ष

कुल राशि

₹1.40 लाख

5 वर्ष में आपको साधारण ब्याज के रूप में ₹40,000 मिलेंगे।

मूलधन बनाम ब्याज

मूलधन

₹1.00 लाख

ब्याज

₹40,000

वर्ष-दर-वर्ष विवरण

वर्षइस वर्ष का ब्याजअब तक का कुल ब्याजकुल राशि
1₹8,000₹8,000₹1.08 लाख
2₹8,000₹16,000₹1.16 लाख
3₹8,000₹24,000₹1.24 लाख
4₹8,000₹32,000₹1.32 लाख
5₹8,000₹40,000₹1.40 लाख

वृद्धि चार्ट

साधारण ब्याज (Simple Interest) कैलकुलेटर के बारे में

साधारण ब्याज (SI) केवल मूलधन राशि पर परिकलित किया जाता है — इसमें अर्जित ब्याज पर ब्याज (कंपाउंडिंग) नहीं जुड़ता। यह अल्पकालिक ऋण, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और सरकारी बचत पत्रों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

लंबी अवधि के लिए, कंपाउंडिंग का लाभ उठाने हेतु हमारा कंपाउंड इंटरेस्ट कैलकुलेटर देखें।

यह कैसे काम करता है

  • मूलधन (P) — उधार दी गई या निवेश की गई मूल राशि।
  • दर (r) — प्रतिशत में वार्षिक ब्याज दर।
  • समय (t) — वर्षों में अवधि।

साधारण ब्याज का सूत्र

SI = (P × r × t) / 100

कुल राशि = P + SI

P = मूलधन
r = वार्षिक ब्याज दर (प्रतिशत में)
t = वर्षों में समय

साधारण ब्याज के लाभ

  • मन में ही गणना करना आसान — कोई चक्रवृद्धि नहीं।
  • पूरी अवधि में ब्याज की लागत पहले से तय और स्पष्ट।
  • कई अल्पकालिक ऋण उत्पादों और बचत पत्र योजनाओं में उपयोग होता है।
  • चक्रवृद्धि रिटर्न से तुलना के लिए एक आधार के रूप में उपयोगी।

साधारण बनाम चक्रवृद्धि ब्याज

₹1,00,000 पर 8% की दर से 10 वर्ष में: साधारण ब्याज ₹80,000 देता है, जबकि (वार्षिक) चक्रवृद्धि ब्याज लगभग ₹1,15,892 देता है। अवधि जितनी लंबी और दर जितनी ऊँची, अंतर उतना ही बड़ा। लंबी अवधि के निवेश में हमेशा चक्रवृद्धि के हिसाब से सोचें।

संदर्भ

साधारण ब्याज से जुड़े सवाल

साधारण ब्याज का सूत्र क्या है?
साधारण ब्याज = (P × R × T) / 100, जहाँ P मूलधन है, R वार्षिक दर और T वर्षों में समय। ब्याज केवल मूल राशि पर लगता है, पहले से अर्जित ब्याज पर कभी नहीं।
साधारण ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज से कैसे अलग है?
साधारण ब्याज हर वर्ष समान राशि देता है। चक्रवृद्धि ब्याज जमा हुए ब्याज पर भी ब्याज देता है, इसलिए समय के साथ अंतर बढ़ता जाता है: ₹1,00,000 पर 10% की दर से 10 वर्ष में साधारण ब्याज ₹1,00,000 बनता है पर चक्रवृद्धि ₹1,59,374 — डेढ़ गुने से भी अधिक।
भारत में साधारण ब्याज का उपयोग वास्तव में कहाँ होता है?
एनबीएफसी के अधिकांश वाहन और स्वर्ण ऋण, कई अल्पकालिक पर्सनल लोन, और आयकर अधिनियम की धारा 234A/B/C का दंडात्मक ब्याज। बैंक जमा, ईएमआई और अधिकांश बचत योजनाओं में चक्रवृद्धि ब्याज लगता है।
फ्लैट ब्याज दर को घटते शेष (रिड्यूसिंग बैलेंस) दर में कैसे बदलें?
फ्लैट दर पूरी अवधि तक मूल राशि पर ब्याज लगाती है, भले ही आप लगातार चुका रहे हों, इसलिए असली लागत लगभग दोगुनी बैठती है। ₹6 लाख के 5 वर्षीय कार लोन पर 9% फ्लैट से कुल ब्याज ₹2,70,000 और ईएमआई ₹14,500 बनती है — यही ईएमआई घटते शेष पर लगभग 15.71% वार्षिक के बराबर है। मोटे अनुमान के लिए 3–5 वर्ष के लोन में फ्लैट दर को 1.75 से 1.9 से गुणा करें।
9% का कार लोन 9% के होम लोन से महँगा क्यों पड़ता है?
क्योंकि कार लोन की दर आमतौर पर फ्लैट बताई जाती है और होम लोन की घटते शेष पर। ₹6 लाख पर 5 वर्ष के लिए 9% घटते शेष वाले लोन की ईएमआई ₹12,455 और कुल ब्याज ₹1,47,301 है। वही ₹6 लाख 9% फ्लैट पर हर महीने ₹14,500 और कुल ₹2,70,000 ब्याज लेता है — एक जैसी दिखने वाली दर पर ₹1.23 लाख अधिक। डीलर या एनबीएफसी से हमेशा पूछें कि दर किस आधार पर है।
बचत खाते का ब्याज साधारण होता है या चक्रवृद्धि?
ब्याज रोज़ के समापन शेष पर साधारण दर से गिना जाता है, पर खाते में तिमाही जमा होता है, और जमा होते ही वह स्वयं ब्याज कमाने लगता है — इसलिए वर्ष भर में असर चक्रवृद्धि का होता है। नई कर व्यवस्था में धारा 80TTA की कटौती नहीं मिलती, इसलिए बचत खाते का पूरा ब्याज आपके स्लैब पर कर योग्य है; राहत केवल वरिष्ठ नागरिकों को पुरानी व्यवस्था में धारा 80TTB के तहत मिलती है।
💻
निःशुल्क डेवलपर REST API उपलब्धफिनटेक ऐप या ब्लॉग बना रहे हैं? उच्च प्रदर्शन के लिए हमारे मुफ़्त, ओपन-CORS JSON REST API एकीकृत करें।
एपीआई दस्तावेज़ देखें →
स्मार्ट वित्तीय क्रॉस-लिंकिंग इंजन

आयकर और वेतन

इस श्रेणी के अन्य उपयोगी वित्तीय टूल्स से अपनी गणना की तुलना करें।

सभी 70+ टूल्स डायरेक्टरी देखें →
रणनीतिक वित्तीय समाधान

80C टैक्स-बचत व सरकारी निवेश योजनाएं

सरकारी 80C व 80CCD योजनाओं से अपने आयकर को शून्य (₹0) पर लाएं।

📖 गहन वित्तीय गाइड10 मिनट

ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम ब्रेक-ईवन चार्ट: किस सैलरी पर कौन सा रिजीम चुनें?

सैलरी स्लैब के अनुसार न्यूनतम डिडक्शन की गणना, HRA और होम लोन का असर, और लिक्विड कैश बनाम लॉक-इन का तुलनात्मक विश्लेषण।