जीएसटी कैलकुलेटर (GST Calculator) 2026

5%, 18%, 40% दरों पर जीएसटी जोड़ें या घटाएं। राज्य के भीतर (CGST+SGST) या अंतर-राज्यीय (IGST) कर विभाजन प्राप्त करें।

आप मूल मूल्य दर्ज करते हैं; हम ऊपर से जीएसटी जोड़ते हैं।

₹

अंतिम कुल राशि

₹11,800

जीएसटी @ 18% — ₹1,800

जीएसटी विवरण (Breakdown)

मूल राशि (Base Amount)₹10,000
कुल जीएसटी (18%)₹1,800
सीजीएसटी (9.0%)₹900
एसजीएसटी (9.0%)₹900
अंतिम कुल राशि₹11,800

जीएसटी सूत्र, आपके आंकड़ों के साथ

मानक सूत्र
जीएसटी = मूल राशि x दर / 100 कुल = मूल + जीएसटी
लाइव गणना (आपके मान डालकर)
जीएसटी से पहले की राशि (Base):₹10,000
जीएसटी दर (rate):18%
जीएसटी (GST):₹1,800
मान रखने के बाद सूत्र:
₹10,000 x 18% = ₹1,800
कुल देय:₹11,800

जीएसटी जोड़ना मूल राशि का सीधा प्रतिशत है। राज्य के भीतर बिक्री में यह आधा सीजीएसटी और आधा एसजीएसटी में बँटता है; अंतर-राज्यीय बिक्री में पूरी राशि आईजीएसटी के रूप में लगती है।

वस्तु एवं सेवा कर (GST) - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जीएसटी (GST) की गणना इनक्लूसिव और एक्सक्लूसिव कीमतों पर कैसे होती है?
एक्सक्लूसिव कीमत पर आप जोड़ते हैं: जीएसटी = कीमत × दर ÷ 100, यानी 18% पर ₹10,000 बनकर ₹11,800 हो जाता है। इनक्लूसिव कीमत से जीएसटी हटाने में ही लोग गलती करते हैं — आपको 100/(100 + दर) से गुणा करना होता है, दर घटानी नहीं होती। 18% पर ₹11,800 का हिसाब है ₹11,800 × 100/118 = ₹10,000 मूल कीमत और ₹1,800 कर। इसके बजाय 18% घटाने पर ₹9,676 आता है, जो मूल कीमत को ₹324 कम दिखाता है और हर बिल में आपका हिसाब गड़बड़ कर देता है।
भारत में मुख्य जीएसटी टैक्स स्लैब क्या हैं?
22 सितंबर 2025 के जीएसटी 2.0 सुधार के बाद दो मुख्य दरें हैं: 5% (आवश्यक एवं आम उपयोग की वस्तुओं के लिए मेरिट दर) और 18% (अधिकांश वस्तुओं व सेवाओं के लिए मानक दर, जिसमें आईटी, सॉफ्टवेयर और परामर्श सेवाएं शामिल हैं)। विलासिता एवं अहितकर वस्तुओं — जैसे पान मसाला, तंबाकू, एरेटेड ड्रिंक्स, बड़ी कारें, 350cc से ऊपर की मोटरसाइकिल, नौकाएं और निजी विमान — पर 40% की डिमेरिट दर लगती है। पुराने 12% और 28% स्लैब हटा दिए गए, और कंपेंसेशन सेस 1 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया। कुछ विशेष दरें बनी हुई हैं: 0% (शून्य दर), सोने-चांदी पर 3%, और हीरों पर 0.25%/1.5%।
इनक्लूसिव कीमत में से जीएसटी कैसे निकालें?
100/(100 + दर) से गुणा करें — दर घटाएँ नहीं। यदि बिल 11,800 रुपये का है और उसमें 18% जीएसटी शामिल है, तो मूल कीमत = 11,800 x 100/118 = 10,000 रुपये और जीएसटी 1,800 रुपये है। इसके बजाय 18% घटाने पर 9,676 रुपये आते हैं, जो 324 रुपये कम है, और दर बढ़ने पर यह गलती और बड़ी होती जाती है। 5% पर भी यही तरीका है: 10,500 रुपये इनक्लूसिव = 10,500 x 100/105 = 10,000 रुपये मूल कीमत और 500 रुपये कर।
आईजीएसटी के बजाय सीजीएसटी और एसजीएसटी कब लगते हैं?
यह आपूर्ति के स्थान (place of supply) पर निर्भर करता है, आपके पंजीकरण पर नहीं। यदि आपूर्तिकर्ता और आपूर्ति का स्थान एक ही राज्य में हैं, तो कर बराबर बँटकर सीजीएसटी और एसजीएसटी बनता है — 18% यानी 9% सीजीएसटी और 9% एसजीएसटी। अलग-अलग राज्य होने पर, या आयात तथा एसईज़ेड को आपूर्ति पर, पूरा 18% आईजीएसटी के रूप में लगता है। 1,00,000 रुपये की राज्य के भीतर बिक्री पर बिल में 9,000 रुपये सीजीएसटी और 9,000 रुपये एसजीएसटी अलग-अलग दिखाने होते हैं।
भारत में जीएसटी पंजीकरण की सीमा क्या है?
वस्तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए 40 लाख रुपये वार्षिक कारोबार और सेवाओं के लिए 20 लाख रुपये। विशेष श्रेणी के राज्यों — मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा आदि — में यह सीमा वस्तुओं पर 20 लाख और सेवाओं पर 10 लाख रुपये है। यदि आप अंतर-राज्यीय कर योग्य आपूर्ति करते हैं, ई-कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से बेचते हैं, या रिवर्स चार्ज के अंतर्गत आते हैं, तो कारोबार चाहे जितना हो, पंजीकरण अनिवार्य है।
जीएसटी कंपोज़िशन स्कीम क्या है और इसे कौन ले सकता है?
1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले छोटे व्यवसाय (विशेष श्रेणी राज्यों में 75 लाख रुपये) नियमित जीएसटी के बजाय कारोबार पर एक निश्चित दर चुका सकते हैं: व्यापारियों और निर्माताओं के लिए 1%, शराब न परोसने वाले रेस्तरां के लिए 5%। 50 लाख रुपये तक के सेवा प्रदाता 6% चुकाते हैं। शर्त यह है कि आप इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं ले सकते, बिल पर जीएसटी नहीं वसूल सकते, और अंतर-राज्यीय बिक्री नहीं कर सकते। हर तिमाही CMP-08 और साल में एक बार GSTR-4 भरना होता है।
जीएसटी रिटर्न की देय तिथियाँ और विलंब शुल्क क्या हैं?
मासिक फाइलर्स के लिए GSTR-1 (बाहरी आपूर्ति) अगले महीने की 11 तारीख तक और कर भुगतान सहित GSTR-3B 20 तारीख तक देय है। 5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले क्यूआरएमपी फाइलर तिमाही रिटर्न भरते हैं और PMT-06 से हर महीने कर चुकाते हैं। विलंब शुल्क 50 रुपये प्रतिदिन (शून्य रिटर्न पर 20 रुपये) है, जो कारोबार के अनुसार सीमित है, और देर से चुकाए गए कर पर 18% वार्षिक ब्याज अलग से लगता है।
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