इनवॉइस जनरेटर 2026 (जीएसटी और बिना जीएसटी)
क्लाइंट के लिए जीएसटी, एक्सपोर्ट या सादा इनवॉइस बनाएं, उसे जीएसटी नियमों से जांचें और प्रिंट करें या पीडीएफ के रूप में सेव करें।
यह एक उदाहरण इनवॉइस है। इसमें अपना विवरण भरें या खाली फॉर्म से शुरू करें।
आपका विवरण
आशा वर्मा डिज़ाइन · महाराष्ट्र
15 अक्षर। पहले दो अंक आपके राज्य का कोड हैं, इसलिए राज्य अपने-आप भर जाता है।
क्लाइंट
एक्मे टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. · कर्नाटक
क्लाइंट पंजीकृत न हो तो खाली छोड़ें। जीएसटीआईएन डालने पर राज्य अपने-आप चुन लिया जाता है।
इनवॉइस नंबर और तारीखें
16 अक्षर तक: अक्षर, अंक, "-" और "/"। हर नंबर एक वित्त वर्ष में एक ही बार।
सेवाएं
आइटम: 2 · उप-योग ₹80,000.00
आइटम 1
राशि: ₹60,000.00
आइटम 2
राशि: ₹20,000.00
सेवाओं के एसएसी कोड 99 से शुरू होते हैं, जैसे आईटी डिज़ाइन और डेवलपमेंट के लिए 998314। ₹5 करोड़ तक के टर्नओवर पर पंजीकृत क्लाइंट के इनवॉइस में कम से कम 4 अंक दिखाएं।
जीएसटी
आईजीएसटी 18%
18% की दर अन्य पेशेवर, तकनीकी और व्यावसायिक सेवाओं (हेडिंग 9983) पर है, जिनमें आईटी डिज़ाइन और डेवलपमेंट और कंसल्टिंग आती हैं। अपनी सेवा की अधिसूचित दर जांच लें।
भुगतान, नोट्स और क्या दिखाना है
आखिरी तारीख · भुगतान विवरण · नोट्स
इनवॉइस पर दिखाएं
आपका विवरण, भुगतान विवरण, लोगो और अगला इनवॉइस नंबर सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में सेव होते हैं। क्लाइंट और आइटम कभी सेव नहीं होते।
- इनवॉइस की कुल राशि
- ₹94,400.00
- आईजीएसटी 18%
- कर योग्य मूल्य
- ₹80,000.00
- जीएसटी
- ₹14,400.00
भेजने से पहले जांचें
- इनवॉइस नंबर में 16 अक्षर तक हो सकते हैं: सिर्फ़ अक्षर, अंक, "-" और "/" (नियम 46(b))।
प्रीव्यू
प्रिंट विंडो में प्रिंटर की जगह पीडीएफ के रूप में सेव करने का विकल्प चुनें, पीडीएफ फ़ाइल मिल जाएगी। इनवॉइस अकेला, A4 पर प्रिंट होता है।
कुल राशि कैसे निकलती है
हर टैक्स अपनी दर से कर योग्य मूल्य पर लगता है और अलग से पैसे तक राउंड होता है, इसलिए सीजीएसटी और एसजीएसटी हमेशा बराबर रहते हैं। छूट टैक्स से पहले घटती है, क्योंकि नियम 46(k) छूट के बाद का कर योग्य मूल्य मांगता है।
इनवॉइस जनरेटर के बारे में
अपना विवरण, क्लाइंट और काम भरें, और पेज फॉर्म के साथ ही इनवॉइस बना देता है। अगर आप जीएसटी में पंजीकृत हैं तो यह सीजीएसटी नियमों के नियम 46 में बताए सभी विवरणों वाला टैक्स इनवॉइस बनता है, और टैक्स इस हिसाब से बंटता है कि क्लाइंट कहां है। पंजीकृत नहीं हैं तो यह बिना जीएसटी का सादा इनवॉइस है, क्योंकि पंजीकृत न होने वाला व्यक्ति टैक्स नहीं वसूल सकता (सीजीएसटी अधिनियम की धारा 32(1))।
इसे प्रिंट करें, या प्रिंट विंडो में पीडीएफ के रूप में सेव करें और ईमेल से भेजें। आपका अपना विवरण और अगला इनवॉइस नंबर अगली बार के लिए इसी डिवाइस पर रखा जा सकता है।
जीएसटी टैक्स इनवॉइस में क्या होना ज़रूरी है (नियम 46)
- आपका नाम, पता और जीएसटीआईएन।
- 16 अक्षर तक का इनवॉइस नंबर (अक्षर, अंक, "-" और "/"), जो वित्त वर्ष में एक ही बार आए। आप एक से अधिक सीरीज़ चला सकते हैं।
- जारी करने की तारीख।
- क्लाइंट का नाम, पता और पंजीकृत हो तो जीएसटीआईएन। पंजीकृत न होने वाले क्लाइंट के लिए, कर योग्य मूल्य ₹50,000 या अधिक हो तो उसका नाम, पता और कोड सहित राज्य।
- हर सेवा का एचएसएन या एसएसी कोड और विवरण।
- छूट के बाद का कर योग्य मूल्य, और हर टैक्स की दर और राशि।
- अंतर-राज्यीय आपूर्ति में राज्य के नाम सहित आपूर्ति का स्थान।
- टैक्स रिवर्स चार्ज पर देय है या नहीं।
- आपके हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत जारी इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस पर इसकी ज़रूरत नहीं।
सीजीएसटी + एसजीएसटी, आईजीएसटी या जीएसटी नहीं
- क्लाइंट आपके राज्य में: राज्य के भीतर की आपूर्ति। दर आधी-आधी बंटती है: 18% पर 9% सीजीएसटी और 9% एसजीएसटी।
- क्लाइंट दूसरे राज्य में: अंतर-राज्यीय आपूर्ति। पूरी दर से आईजीएसटी की एक लाइन।
- क्लाइंट भारत से बाहर: सेवाओं का एक्सपोर्ट, जब आईजीएसटी अधिनियम की धारा 2(6) की पांचों शर्तें पूरी हों, जिनमें विदेशी मुद्रा में (या जहां आरबीआई अनुमति दे वहां रुपये में) भुगतान शामिल है। यह शून्य-दर वाली आपूर्ति है: लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के तहत आईजीएसटी नहीं, या आईजीएसटी चुकाकर रिफंड।
- पंजीकृत नहीं: इनवॉइस पर कोई जीएसटी नहीं।
- यह पेज सेवाओं के आपूर्ति स्थान का सामान्य नियम इस्तेमाल करता है, आईजीएसटी अधिनियम की धारा 12(2): जहां क्लाइंट है। संपत्ति, इवेंट या परिवहन से जुड़ी सेवाओं के अपने नियम हैं; इनवॉइस से पहले अपनी सेवा का नियम जांच लें।
विदेशी क्लाइंट को इनवॉइस
बिना आईजीएसटी एक्सपोर्ट के लिए इनवॉइस से पहले उस वित्त वर्ष का लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलयूटी) फॉर्म जीएसटी RFD-11 में जीएसटी पोर्टल पर दाखिल करना होता है। तब इनवॉइस पर नियम 46 में तय एक्सपोर्ट वाली पंक्ति अंग्रेज़ी में शब्दशः छपती है, और जीएसटीआईएन की जगह क्लाइंट का नाम, पता और देश।
इनवॉइस उसी मुद्रा में हो सकता है जिसमें आप बिल करते हैं। आपूर्ति को एक्सपोर्ट माने जाने के लिए भुगतान विदेशी मुद्रा में, या जहां आरबीआई अनुमति दे वहां रुपये में, आना चाहिए।
सेवाओं के एक्सपोर्टरों को हर महीने के इनवॉइस के लिए आरबीआई का एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना पड़ सकता है। ईडीएफ फॉर्म जनरेटर उन्हीं इनवॉइस से आखिरी तारीखें निकाल देता है।
समय, प्रतियां, कोड और ई-इनवॉइस
- सेवा देने के 30 दिन के भीतर इनवॉइस जारी करें (नियम 47)।
- इनवॉइस दो प्रतियों में बनाएं, एक पर प्राप्तकर्ता के लिए मूल प्रति और दूसरी पर आपूर्तिकर्ता के लिए डुप्लिकेट प्रति लिखा हो (नियम 48(2))। दोनों प्रिंट करने के लिए प्रिंट बटन के ऊपर वाला बॉक्स चुनें।
- एसएसी के अंक: ₹5 करोड़ तक के कुल टर्नओवर पर पंजीकृत क्लाइंट के इनवॉइस में कम से कम 4 अंक; ₹5 करोड़ से ऊपर 6 अंक (अधिसूचना 78/2020-CT)।
- अगर 2017-18 से किसी भी वित्त वर्ष में आपका कुल टर्नओवर ₹5 करोड़ से ऊपर रहा है, तो आपके बी2बी और एक्सपोर्ट इनवॉइस सरकार के इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल से इनवॉइस रेफरेंस नंबर वाले ई-इनवॉइस होने चाहिए (नियम 48(4); अधिसूचना 10/2023-CT, 1 अगस्त 2023 से)। यह पेज ई-इनवॉइस नहीं बनाता।
- किसी वित्त वर्ष में कुल टर्नओवर ₹20 लाख से ऊपर जाते ही पंजीकरण ज़रूरी है; मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में ₹10 लाख (सीजीएसटी अधिनियम की धारा 22)।
आपके विवरण का क्या होता है
आप जो भी भरते हैं वह किसी सर्वर पर नहीं जाता; इनवॉइस आपके ब्राउज़र में ही बनता है। अगर आप "मेरा विवरण याद रखें" चुनते हैं, तो आपका विवरण, भुगतान विवरण, लोगो और अगला इनवॉइस नंबर सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में सेव होते हैं। क्लाइंट और आइटम सेव नहीं होते। सेव किया हुआ मिटाने के लिए बॉक्स से निशान हटा दें।
स्रोत: सीबीआईसी के टैक्स सूचना पोर्टल पर सीजीएसटी अधिनियम, सीजीएसटी नियम और आईजीएसटी अधिनियम, जीएसटी पोर्टल का एलयूटी और एचएसएन मार्गदर्शन, और ई-वे बिल की राज्य कोड सूची। ₹5 करोड़ की ई-इनवॉइस सीमा टैक्सगुरु से ली गई है, क्योंकि अधिसूचना 10/2023-CT सीबीआईसी या ई-इनवॉइस साइट पर उपलब्ध नहीं है।
आधिकारिक स्रोत
- सीबीआईसी — सीजीएसटी नियम 46: टैक्स इनवॉइस में क्या होना चाहिए
- सीबीआईसी — सीजीएसटी नियम 47: सेवा का इनवॉइस 30 दिन के भीतर
- सीबीआईसी — सीजीएसटी नियम 48: इनवॉइस की प्रतियां और ई-इनवॉइस
- सीबीआईसी — आईजीएसटी अधिनियम, धारा 12: सेवाओं का आपूर्ति स्थान
- सीबीआईसी — आईजीएसटी अधिनियम, धारा 2(6): सेवाओं का निर्यात
- सीबीआईसी — सीजीएसटी अधिनियम, धारा 22: जीएसटी पंजीकरण कब ज़रूरी है
- जीएसटी पोर्टल — लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (फॉर्म जीएसटी RFD-11) दाखिल करना
- जीएसटी पोर्टल — टर्नओवर के अनुसार एचएसएन/एसएसी कोड के अंक (अधिसूचना 78/2020-CT)
- जीएसटी ई-वे बिल प्रणाली — राज्य कोड सूची
- टैक्सगुरु — ₹5 करोड़ से अधिक टर्नओवर पर ई-इनवॉइस (अधिसूचना 10/2023-CT)
इनवॉइस जनरेटर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जीएसटी इनवॉइस में क्या-क्या होना चाहिए?
सीजीएसटी + एसजीएसटी कब लगता है और आईजीएसटी कब?
मैं जीएसटी में पंजीकृत नहीं हूं। कौन-सा इनवॉइस दूं?
विदेशी क्लाइंट को बिना जीएसटी इनवॉइस कैसे दें?
इनवॉइस नंबर कैसे रखें?
क्या इनवॉइस पर एसएसी कोड ज़रूरी है?
काम के बाद कितने दिन में इनवॉइस देना होता है?
क्या इनवॉइस पर हस्ताक्षर ज़रूरी है?
क्या यह ई-इनवॉइस है?
क्या मेरा डेटा कहीं सेव होता है?
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