जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) एवं शुद्ध देय कर कैलकुलेटर 2026

बिक्री पर आउटपुट जीएसटी देनदारी, खरीद पर पात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और शुद्ध नकद देय जीएसटी की गणना करें

1. बिक्री एवं आउटपुट आपूर्ति (Outward Supplies)

₹

2. पात्र खरीद एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)

₹

शुद्ध देय नकद जीएसटी (Net Cash Payable)

₹72,000

कुल बिक्री आउटपुट जीएसटी₹1.80 लाख
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)₹1.08 लाख

कर घटक विभाजन (Tax Split)

केंद्रीय जीएसटी (CGST 50%)₹36,000
राज्य जीएसटी (SGST 50%)₹36,000

जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के बारे में

भारतीय जीएसटी ढांचे के तहत, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पंजीकृत व्यवसायों को बिक्री पर एकत्र की गई आउटपुट जीएसटी देनदारी में से व्यावसायिक खरीद पर भुगतान की गई जीएसटी घटाने की अनुमति देता है। यह कर पर कर (Tax Cascading) को रोकता है।

आपका क्रेडिट किस क्रम में समायोजित होता है

मानक सूत्र
पहले आईजीएसटी क्रेडिट, फिर सीजीएसटी के विरुद्ध सीजीएसटी, फिर एसजीएसटी के विरुद्ध एसजीएसटी। सीजीएसटी क्रेडिट से एसजीएसटी कभी नहीं चुकाया जा सकता।
लाइव गणना (आपके मान डालकर)
आपकी बिक्री पर जीएसटी (Output):₹1.80 लाख
आपकी खरीद पर क्रेडिट (ITC):₹1.08 लाख
वास्तव में उपयोग हुआ क्रेडिट (Used):₹1.08 लाख
नकद देय राशि (Cash):₹72,000
मान रखने के बाद सूत्र:
₹1.80 लाख आउटपुट - ₹1.08 लाख उपयोग हुआ क्रेडिट = ₹72,000 नकद देय
नकद में देय शुद्ध जीएसटी:₹72,000

क्रेडिट और देनदारी दोनों तीन अलग-अलग खातों में रहते हैं। धारा 49A कहती है कि पहले आईजीएसटी क्रेडिट पूरा उपयोग हो, और धारा 49(5) के परंतुक सीजीएसटी क्रेडिट से एसजीएसटी चुकाने पर रोक लगाते हैं, और इसके उलट भी। इसीलिए क्रेडिट बचा रहते हुए भी नकद देना पड़ सकता है, और बचा हुआ क्रेडिट एक संख्या के बजाय हर खाते के लिए अलग दिखाया जाता है।

जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या है?
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) व्यापारिक इकाइयों को अपने द्वारा खरीदी गई सामग्री व सेवाओं (Inputs) पर चुकाए गए जीएसटी को अपनी बिक्री (Output) पर वसूले गए जीएसटी से घटाने की अनुमति देता है, जिससे सरकार को केवल शुद्ध अंतर का भुगतान करना पड़ता है।
जीएसटी आईटीसी (ITC) उपयोग करने का वैधानिक क्रम क्या है?
जीएसटी नियमों के अनुसार: आईजीएसटी (IGST) क्रेडिट का उपयोग पहले IGST देनदारी, फिर CGST और SGST के लिए किया जाना अनिवार्य है। सीजीएसटी क्रेडिट को एसजीएसटी से और एसजीएसटी क्रेडिट को सीजीएसटी से सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता।
धारा 17(5) के अंतर्गत कौन-से इनपुट टैक्स क्रेडिट अवरुद्ध हैं?
धारा 17(5) कुछ मामलों में आईटीसी रोक देती है, भले ही जीएसटी विधिवत चुकाया गया हो। मुख्य मदें: 13 तक बैठने की क्षमता वाले मोटर वाहन, जब तक आप वाहनों का कारोबार, यात्री परिवहन या ड्राइविंग स्कूल न चलाते हों; खाद्य व पेय पदार्थ, आउटडोर कैटरिंग, स्वास्थ्य सेवाएँ और सौंदर्य उपचार; क्लब तथा फिटनेस सेंटर की सदस्यता; अपने खाते पर अचल संपत्ति का निर्माण; और व्यक्तिगत उपयोग की कोई भी वस्तु। 20 लाख रुपये की कंपनी कार पर 18% यानी 3.6 लाख रुपये का जीएसटी आप दावा ही नहीं कर सकते।
सीजीएसटी क्रेडिट से एसजीएसटी क्यों नहीं चुकाया जा सकता?
धारा 49(5) के परंतुक इसकी मनाही करते हैं: सीजीएसटी क्रेडिट पहले सीजीएसटी और फिर आईजीएसटी चुका सकता है, पर एसजीएसटी कभी नहीं; एसजीएसटी क्रेडिट पहले एसजीएसटी और फिर आईजीएसटी चुका सकता है, पर सीजीएसटी कभी नहीं। सीजीएसटी केंद्र का राजस्व है और एसजीएसटी राज्य का, इसलिए आपसी सेट-ऑफ की अनुमति देने का अर्थ दो सरकारों के बीच पैसा हस्तांतरित करना होगा। यदि आपके पास 50,000 रुपये का सीजीएसटी क्रेडिट है और 50,000 रुपये की एसजीएसटी देनदारी है, तो वह एसजीएसटी नकद चुकाना होगा और सीजीएसटी क्रेडिट लेजर में पड़ा रहेगा।
किसी बिल पर आईटीसी का दावा करने की अंतिम तिथि क्या है?
धारा 16(4) के अनुसार वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद 30 नवंबर तक, या वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि तक, जो भी पहले हो, आईटीसी लिया जा सकता है। वित्त वर्ष 2026-27 में मई 2026 के बिल के लिए अंतिम अवसर अक्टूबर 2026 का GSTR-3B है, जो 20 नवंबर 2026 तक भरना होता है। चूक जाने पर क्रेडिट हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है — कोई छूट नहीं मिलती, इसीलिए साल के अंत की सफाई से कहीं ज़्यादा मासिक GSTR-2B मिलान मायने रखता है।
यदि मैं आपूर्तिकर्ता को 180 दिन में भुगतान न करूँ तो क्या होगा?
धारा 16(2) का दूसरा परंतुक कहता है कि यदि बिल की राशि और कर का भुगतान बिल की तिथि से 180 दिन के भीतर नहीं हुआ, तो आपको आईटीसी 18% ब्याज सहित वापस करना होगा। 5,00,000 रुपये की खरीद पर 18% यानी 90,000 रुपये का आईटीसी है; 180 दिन से अधिक देरी का अर्थ है वह 90,000 रुपये आउटपुट देनदारी में वापस जोड़ना। भुगतान करने वाले महीने में क्रेडिट दोबारा मिल जाता है, पर ब्याज वापस नहीं होता।
यदि आईटीसी GSTR-2B में नहीं दिख रहा तो क्या दावा कर सकते हैं?
नहीं। धारा 16(2)(aa) के अनुसार आईटीसी केवल उन बिलों पर मिलता है जिन्हें आपके आपूर्तिकर्ता ने GSTR-1 में दर्ज किया हो और जो आपके स्वतः तैयार GSTR-2B में दिखें। वैध टैक्स इनवॉइस होना पर्याप्त नहीं है — यदि आपूर्तिकर्ता ने रिटर्न नहीं भरा, तो आपके लिए वह क्रेडिट है ही नहीं। हर महीने अपनी खरीद बही का GSTR-2B से मिलान करें और धारा 16(4) की समय-सीमा बंद होने से पहले रिटर्न न भरने वाले आपूर्तिकर्ताओं का पीछा करें।
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