घर खरीदें या किराए पर रहें? ₹50 लाख का निर्णय
20 साल की EMI का गणित, रेंटल यील्ड और इक्विटी SIP कंपाउंडिंग का संपूर्ण 3D विजुअल विश्लेषण

“प्रिया, यह 3BHK फ्लैट देखो! अगर हम ₹20 लाख डाउनपेमेंट दें, तो ₹80,000/माह EMI आएगी। किराए में पैसे बर्बाद करने से अच्छा अपना घर खरीदना है!”

“रुकिए रोहन! 8.5% ब्याज पर 20 साल तक ₹80,000 EMI का मतलब है कि ₹80 लाख के लोन पर आप बैंक को ₹1.92 करोड़ चुकाएंगे—यानी ₹1.12 करोड़ सिर्फ ब्याज!”

“कैसा रहेगा अगर हम ₹30,000 में किराए पर रहें और बाकी ₹50,000 की मासिक बचत व ₹20 लाख डाउनपेमेंट को 12% इंडेक्स SIP में निवेश करें?”

“अविश्वसनीय! 20 साल बाद घर की कीमत ~₹2.6 करोड़ होगी, लेकिन रेंट + SIP पोर्टफोलियो ₹4.8 करोड़ से ज्यादा बन जाता है! fincalculator.in ने पूरी तस्वीर साफ कर दी।”
1. होम लोन का भारी ब्याज
8.5% ब्याज पर 20 साल के ₹80 लाख लोन में आप ₹1.12 करोड़ केवल ब्याज चुकाते हैं। शुरुआती सालों में 80% से अधिक EMI सिर्फ ब्याज भरपाई में जाती है।
2. रेंटल यील्ड बनाम प्रॉपर्टी वृद्धि
भारतीय महानगरों में रेजिडेंशियल रेंटल यील्ड सिर्फ 2.5% से 3.5% है। इसका मतलब ₹1 करोड़ का फ्लैट मात्र ₹25,000-₹30,000/माह में किराए पर मिल जाता है।
3. इक्विटी SIP की शक्ति
डाउनपेमेंट और मासिक EMI अंतर को 12% इक्विटी इंडेक्स में लगाने से 20 वर्षों में लिक्विड वेल्थ घर की कीमत से कहीं अधिक बन जाती है।
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